"कौन?" अंजलि ने घबराहट से पूछा।
अरविंद की आँखें खुली-खुली सी थीं, पर थकी हुई। उसने माँ की चटख हाँथ को महसूस कर लिया और धीरे से सिर हिलाया। तभी दीवार के दूसरी ओर से किसी ने धीरे-धीरे कदमों की चोट समझी—ऐसा नहीं लगता था कि कोई आया हो। घर के पुराने लकड़ी के फर्श से आती आवाज़ें अक्सर बनी रहती थीं, पर आज कुछ और था: कदमों के साथ एक धीमी साँस भी थी, मानो कोई दीवार के भीतर गहरा बैठा हो।
अंजलि ने पलट कर देखा—कोई नहीं था, पर फोटोग्राफ़ फिर से सोफे पर रखा हुआ था, और बच्चों के कमरे की ओर जाने वाली फर्श की दरारों में से एक से हल्की सी रोशनी निकल रही थी—गोल-गोल और ठंडी। जैसे वहाँ से किसी और दुनिया की हवा आ रही हो। अरविंद ने अपनी छोटी आवाज़ में कहा, "माँ, वो दरार में रहता है। उसने कहा था कि उसे बुलाओ मत।" insidious chapter 1 in hindi download filmyzilla 2021 top
खत्म।
रात का कोना
अंजलि ने तोड़फोड़ से भरे अपने दिल को संयमित किया। उसने अपने सारे साहस इकट्ठा किया और कहा, "हमें उसे डराने की ज़रूरत नहीं—हम बस उसे बताएँगे कि यह घर हमारा है।"
अरविंद ने अपनी छोटी उँगलियाँ उठाईं और अँधेरी कोने की ओर इशारा किया—वहीं, जहाँ खिड़की की परछाई दीवार पर गहरी काली लंबी बन चुकी थी। "वो अँधेरे के बच्चे," अरविंद ने कहा, मानो उसने किसी कहानी का नाम बताया हो। "कहते हैं कि घर का कोई हिस्सा अब उनका है।" "कौन
अंजलि ने दरवाज़ा खोला और देखना चाहा कि क्या अरविंद की बिल्ली बाहर नहीं चली गई—बिल्ली अक्सर रात में खिड़की के पास सो जाती थी। हॉल में पहुँचते ही उसने देखा कि सोफे पर एक पुराना फोटोग्राफ़ रखा हुआ है—पर वह फोटो उसने कभी नहीं देखा था। फोटो में एक छोटा सा लड़का था, जिसकी आँखें अजीब ढंग से चमक रही थीं। औपचारिकता में उसने फोटो के पीछे लिखी तारीख पढ़ी—"1999"—और नीचे एक नाम, पर अंजलि को वह नाम किसी पुरानी किताब की तरह बेपरवाह लग रहा था।